शहीद मनोज के परिजनों से मिलेंगे अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर

लखनऊ / गो-तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने वाले दरोगा मनोज मिश्रा की बरेली के फरीदपुर थाने में 09 सितम्बर को हुई हत्या के सम्बन्ध में सीबीआई जाँच और जिया उल हक़ की तरह ही 50 लाख का मुआवजा दिए जाने हेतुलखीमपुर खीरी में उनके परिवार वालों द्वारा लगातार दिए जा रहे धरना के सम्बन्ध में उनके परिवार के अनुराग मिश्रा ने आज लखनऊ आ कर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर से मुलाकात की । अनुराग मिश्रा ने अमिताभ ठाकुर को बताया कि किस प्रकार उन्हें इस बात की पूरी आशंका है कि मनोज मिश्रा की हत्या गो-तस्करों से अचानक हुई मुठभेड़ में नहीं हुई थी बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गयी हत्या थी. उनका आरोप है कि इस हत्या में स्थानीय सपा विधायक और पूर्व फरीदपुर इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध है. उन्होंने इसके लिए घटना से जुड़े कई सारे तथ्य रखते हुए कहा कि वे मामले की सीबीआई जाँच की मांग कर रहे हैं पर उनकी बात नहीं सुनी जा रही है. अनुराग मिश्रा ने यह भी कहा कि जहाँ डिप्टी एसपी जिया उल हक़ के परिवार को 50 लाख मुआवजा और दो सरकारी नौकरी दी गयी वहीँ उनके परिवार को मात्र बीस लाख रुपये और एक नौकरी दी जा रही है ।अमिताभ और नूतन ने कहा कि वे शीघ्र ही लखीमपुर जा कर शहीद दरोगा के परिवार वालों से मिलेंगे और उनके साथ बरेली जा कर घटनास्थल का निरीक्षण कर इस मामले में मुआवज़े में समानता और सीबीआई जाँच हेतु हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे ।

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