अब सरकार रखेगी निजी स्कूलों की फीस पर नजर

लखीमपुर खीरी /
आज नगर के अजमानी इंटरनेशनल स्कूल में जिले के सभी सी०बी०एस०ई० तथा आई०सी०एस०ई० के संचालकों के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ आर० के० जयसवाल ने बैठक की, इस बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फीस नियामक अध्यादेश का क्रियान्वन कराना था ज्ञात हो कि गत 9 अप्रैल को पूरे प्रदेश से मिल रही प्राइवेट स्कूलों की फीस सम्बंधित शिकायतों के निराकरण के लिए योगी सरकार कैबिनेट ने एक फीस नियामक अध्यादेश पास किया है जिसका अनुपालनप्रदेश में कार्यरत समस्त बोर्ड के विद्यालयों के द्वारा किया जाना है

जिला विद्यालय निरीक्षक नेविस्तार पूर्वक अध्यादेश को पढ़कर सभी स्कूल संचालकों को समझाया तथा उनकी बिल
संबंधी भ्रांतियाँ दूर कीं

विस्तार पूर्वक अध्यादेश को पढ़कर सभी स्कूल संचालकों को समझाया तथा उनकी बिल
संबंधी भ्रांतियाँ दूर कीं

, इस क्रम में सकूल संचालकों द्वारा डॉ जयसवाल से अध्यादेश
संबंधी अनेकों प्रश्न पूछे गए जिनके डॉ जयसवाल ने संतोषजनक उत्तर दिए
, जिला विद्यालय निरीक्षक ने
अध्यादेश के बारे में बताते हुए कहा कि यह अध्यादेश
उन विद्यालयों पर ही लागू है जिनकी पूरे वर्ष कीकुल फीस 20

कुल फीस 20,000 रूपयों से ज्यादा है तथा किसी भी स्कूल की कक्षा 1 से पूर्व की कक्षाएं इस
अध्यादेश से बाहर रहेंगीं
, डॉ जयसवाल ने आगे बताया कि इस बिल के माध्यम से सरकार ने
किसी भी स्कूल की फीस को नियंत्रित करने या कोई फीस की सीमा निर्धारित करने का प्रयास नहीं किया है अर्थात एक स्कूल अपनी सुविधा अनुसार पूरे 12 माह की इच्छानुसार फीस लेने को स्वतंत्र है परन्तु प्रतिवर्ष फीस वृद्धि की सीमा निर्धारित की गयी है
, इसके साथ ही अध्यादेश के अनुसार एक स्कूल यदि चाहे तो एक ही कक्षा में पुराने बच्चों तथा नए प्रवेश लेने वाले बच्चों से अलग-अलग फीस लेने के लिए स्वतंत्र है, सत्र 2018 से अब प्रदेश के किसी भी स्कूल में अधिकतम दो ही फीस के हेड होंगे जिनको कम्पोजिट एनुअल फीस तथा एग्जाम फीस के नाम से जाना जायेगा
तथा नए प्रवेश से मात्र एक बार प्रवेश शुक्ल
, विवरण पुस्तिका शुल्क तथा रजिस्ट्रेशन शुल्क ले सकेगा, नए प्रवेशों से यदि कोई कॉशन मनी ली जा रही है तो वह राशि बच्चे के स्कूल छोड़ते समय भारतीय स्टेट बैंक के बचत खाते के बराबर ब्याज लगाकर वापस की जायेगी कोई भी स्कूल इसके अतिरिक्त किसी अन्य हेड में फीस नहीं ले सकेगा, शिकायतों के निस्तारण के
लिए मंडलीय शुल्क नियामक समिति का गठन किया जा चुका है
, किसी बच्चे की समय से फीस न जमा होने की स्थिति में स्कूल प्रशासन के पास उसका नाम प्रथक करने का अधिकार
रहेगा
डॉ जयसवाल ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए कि वह किसी भी एक दुकान से कोर्स, ड्रेस तथा अन्य सामान लेने को बाध्य नहीं कर सकते तथा कोई
भी स्कूल 5 वर्षों से पहले अपनी स्कूल की ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकेगा साथ ही कोई भी स्कूल अभिभावक को एक बार में ही पूरी फीस देने को बाध्य नहीं करेगा तथा जल्द ही अपने स्कूल की फीस को जिला विद्यालय निरीक्षक से अनुमोदित करवाकर स्कूल की वेबसाइट तथा सूचना पट पर प्रदर्शित करेगा
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी अभिभावकों को बताया यदि उनको स्कूल से इस अध्यादेश संबधी कोई शिकायत हो तो पहले स्कूल में सक्षम अधिकारी से संपर्क करें और यदि 15 दिनों के भीतर उसका समाधान न हो तो इसी स्थिति में ही वह मंडलीय समिति के पास अपनी शिकायत लेकर जा सकेंगें, कोई भी अभिभावक सीधे मंडलीय समिति शिकायत लेकर नहीं जा सकेगा तथा शिकायत केवल सम्बंधित बच्चे का वैध अभिभावक ही कर सकेगा जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया में शरारती तत्वों द्वारा चलाये जाने वाले भ्रामक संदेशों पर तब तक विशवास ना करें जब तक सम्बंधित विभाग का लिखित आदेश न देख लें जरूरत पड़ने परमुझसे या मेरे कार्यालय से संपर्क करें

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शिक्षा मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री माननीय दिनेश शर्मा जी का मानना है किप्रदेश के सभी स्कूल शिक्षा देने का पवित्र कार्य अपनी पूरी क्षमता से कर रहे हैं हम न तो उनका अहित चाहते हैं न ही उनकी फीस निर्धारण की प्रक्रिया में कोई
हस्तक्षेप करना चाहते हैं एसा ही इस फीस नियामक अध्यादेश को बनाते समय ध्यान में रखा गया है कि विद्यालयों के पास उनकी इच्छा स्वरुप फीस लेने की पूर्ण स्वतंत्रा रहे परन्तु उनका यह कर्तव्य है कि वह इन स्कूलों में पढने वाले बच्चों तथा उनके अभिभावकों के हितों का भी ध्यान रखें और यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों द्वारा एक बार फीस निर्धारण के पश्चात निर्धारित सीमा में ही शुल्क वृद्धि की जाये

प्रदेश के सभी स्कूल शिक्षा देने का पवित्र कार्य अपनी पूरी क्षमता से कर रहे हैं हम न तो उनका अहित चाहते हैं न ही उनकी फीस निर्धारण की प्रक्रिया में कोई
हस्तक्षेप करना चाहते हैं एसा ही इस फीस नियामक अध्यादेश को बनाते समय ध्यान में रखा गया है कि विद्यालयों के पास उनकी इच्छा स्वरुप फीस लेने की पूर्ण स्वतंत्रा रहे परन्तु उनका यह कर्तव्य है कि वह इन स्कूलों में पढने वाले बच्चों तथा उनके अभिभावकों के हितों का भी ध्यान रखें और यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों द्वारा एक बार फीस निर्धारण के पश्चात निर्धारित सीमा में ही शुल्क वृद्धि की जाये

इस बैठक में ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल, सम्पूर्णानगर के चेयरमैन तथा स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुक्रपाल सिंह, अजमानी इंटरनेशनल से विक्की अजमानी, ग्रीन फील्ड स्कूल से अलोक मिश्र, चिल्ड्रेन्स अकादमी से कुमुद गोविल, बी० पी० एस० से प्रमोदिनी शुक्ल, पॉल इन्टरनेशनल से रमनजीत जौहर, गुरुकुल अकादमी से मुकेश अग्रवाल, इंडियन अकादमी से उमेश गुप्ता, गोल्डन फ्लावर से जसमेल सिंह, दून इंटरनेशनल से जगत चौधरी, विवेकानंद भीरा से अमरदीप सिंह, ग्लोबल स्कॉलर से समीर, एबलोन निघासन से राकेशकश्यप

कश्यप

, चिल्ड्रेन्स अकादमी गोला से सतीश गुप्ता, दून पब्लिक स्कूल मोहम्मदी से गुरमेजर सिंह, टी०पी०आर०एस० से आनंद गुप्ता तथा उमा देवी चिल्ड्रेन्स अकादेमी से सनी गुप्ता समेत कई स्कूल प्रबंधकों ने बैठक में भाग लिया

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